चंडीगढ़ | हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की मौत के मामले में नया अपडेट सामने आया है। उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने अब शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई है। शनिवार सुबह एम्बुलेंस के माध्यम से पूरन कुमार का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ पीजीआई पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करेगा। उम्मीद है कि आज शाम तक अंतिम संस्कार भी किया जा सकता है।
शुक्रवार देर रात लगभग 10 बजे गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की थी। बातचीत के बाद ही पोस्टमार्टम के लिए सहमति बनी।
गौरतलब है कि आईपीएस पूरन कुमार ने पांच दिन पहले अपने सरकारी आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले उन्होंने आठ पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने डीजीपी हरियाणा, रोहतक एसपी और कई वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
इस घटना को लेकर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। कांग्रेस के एससी सेल ने शनिवार को इस मामले पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
दिवंगत अधिकारी की पत्नी अमनीत पी. कुमार ने अपनी तीन प्रमुख मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाया है
- एफआईआर को संशोधित किया जाए।
- डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को पद से हटाया जाए।
- दोनों अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
हालांकि, हरियाणा सरकार अब तक इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। इस बीच, राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारियों आलोक मित्तल और अरशिंद्र चावला को प्रमोशन देकर डीजी पद पर नियुक्त किया है। इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हटाकर आलोक मित्तल को कार्यवाहक डीजीपी बना सकती है, हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
अब तक इस मामले में 15 अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है, जिनमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया भी शामिल हैं। मामला भारत न्याय संहिता की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर) के तहत दर्ज किया गया है।