पंजाब | पंजाब में त्योहारों के मौसम की शुरुआत होते ही हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोग सांस संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, खासकर बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा के मरीज।
मंगलवार सुबह अमृतसर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 176, जालंधर में 165 और लुधियाना में 162 दर्ज किया गया। इसके साथ ही जालंधर राज्य के सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे नंबर पर पहुँच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्तर “अनहेल्दी कैटेगरी” में आता है। शाम के समय जब ट्रैफिक बढ़ता है और हवा की गति कम हो जाती है, तो प्रदूषण और भी अधिक बढ़ जाता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने बताया कि इन शहरों में PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सामान्य स्तर से कहीं अधिक पाए गए हैं, जो सीधे फेफड़ों में जाकर श्वास संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, खेतों में पराली जलाने, त्योहारों के दौरान पटाखों का धुआं, बाजारों में भीड़ और बढ़ते वाहन ट्रैफिक के साथ-साथ निर्माण कार्य और सड़क की धूल भी प्रदूषण में योगदान दे रही हैं।
विशेषज्ञ नागरिकों को सलाह दे रहे हैं कि वे घर के भीतर रहकर मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों व बुजुर्गों को अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचाएं।