पंचकूला। आईटी पार्क में सितंबर में हुई बड़ी छापेमारी में सामने आए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह मामले में नए खुलासे हुए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि यह फर्जी कॉल सेंटर का नेटवर्क हरियाणा पुलिस के एक एएसआई के संरक्षण में चल रहा था। जींद में तैनात एएसआई सतीश को विभागीय जांच के बाद एसपी ने बर्खास्त कर दिया है।
इसी बीच, इंटरनेट मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
पुलिस कमिश्नर ने जारी किया वीडियो बयान
मंगलवार देर रात जारी वीडियो संदेश में पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने बताया कि छापेमारी के दौरान तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया था। इन ठगी केंद्रों से 85 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और दस्तावेज़ जब्त किए गए थे।
जांच में पाया गया कि इन तीन कॉल सेंटरों के कुल 10 मालिक हैं, जिनमें से 6 को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरनेट मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि किसी भी मालिक को गिरफ्तार नहीं किया गया — यह सूचना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
एक और पुलिसकर्मी का नाम जांच में
उन्होंने बताया कि मामले में सिद्धार्थ नाम के एक अन्य पुलिस कर्मचारी का नाम भी सामने आया है, जिसकी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जो भी अधिकारी या व्यक्ति ठगी रैकेट से जुड़ा होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी खबर फैलाने वालों पर होगी FIR
पुलिस कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना और प्रोपगेंडा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।