Dharamshala, Rahul Chawla
हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ में दो दिन पहले हुई सरकारी बसों में आगजनी की घटना में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बैजनाथ उपमंडल के पढ़ियाकर गांव के निवासी 34 वर्षीय सुशांत के रूप में हुई है।
यह घटना 6 नवंबर 2025 की रात करीब सवा एक बजे की है, जब सरकारी स्कूल बैजनाथ के पास खड़ी हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस (एचपी68-5075) और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बस (सीएच01-जीए-7797) में अचानक आग लग गई थी। कुछ ही मिनटों में दोनों बसें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। घटना के समय एचआरटीसी डिपो नगरोटा बगवां के चालक सुनील कुमार और कंडक्टर विश्राम कक्ष में सो रहे थे। उन्होंने बताया कि अचानक बाहर से शोर सुनाई देने पर जब वे बाहर निकले, तो देखा कि दोनों बसों के इंजन के पास आग लगी हुई थी। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में अज्ञात व्यक्ति पर जानबूझकर बसों में आग लगाने का संदेह जताया था।
शिकायत के आधार पर बैजनाथ थाना पुलिस ने 7 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326 (जी) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की गई, जिसमें आरोपी की पहचान के संकेत मिले।
धर्मशाला एएसपी वीर बहादुर ने दी ये जानकारी
धर्मशाला सिटी एएसपी वीर बहादुर ने जानकारी दी कि पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में सफलता मिली। इसके बाद बैजनाथ थाना टीम ने 8 नवंबर को आरोपी सुशांत को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और अपने परिवार के साथ उसका लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। बताया गया कि घरवालों ने उसे कुछ समय पहले घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह अधिकतर समय गांव के बाहर ही घूमता रहता था।
मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया युवक
एएसपी वीर बहादुर ने यह भी बताया कि इससे पहले क्षेत्र में हुई एक कार आगजनी की घटना में भी यही आरोपी शामिल पाया गया था। उस घटना में उसने कार मालिक के साथ हुए झगड़े के बाद गाड़ी में आग लगा दी थी। हालांकि इस बार बसों को आग लगाने के पीछे कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि आरोपी इलेक्ट्रिशियन का काम करता है और उसकी मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।