Dharamshala, Rahul Chawla
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधानसभा भवन और परिसर में सुरक्षा के सभी प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं।
अध्यक्ष पठानिया ने सोमवार को तपोवन विधानसभा परिसर में शीतकालीन सत्र की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहेगी। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से विधानसभा परिसर की निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी और अधिकृत व्यक्ति अपने शासकीय पास स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें ताकि सुरक्षा जांच के दौरान समय की बचत हो और किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का यह 10वां सत्र होगा। इसमें कुल आठ बैठकें होंगी जबकि 29 और 30 नवंबर को अवकाश रहेगा। 4 दिसंबर को गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया है। इस वर्ष के दौरान बजट सत्र में 15, मानसून सत्र में 12 और शीतकालीन सत्र में 8 बैठकों के आयोजन के साथ कैलेंडर वर्ष में कुल 35 बैठकें पूरी हो जाएंगी।उन्होंने यह भी बताया कि यह अब तक तपोवन में आयोजित होने वाला सबसे लंबा शीतकालीन सत्र होगा। इससे पहले वर्ष 2005 में धर्मशाला में सात दिवसीय सत्र आयोजित हुआ था। पठानिया ने कहा कि विधानसभा की गरिमा बनाए रखने और सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन पहले भी जिलाधीश कांगड़ा की अध्यक्षता में कई बैठकें कर चुका है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के रूप में यह उनकी पहली विस्तृत समीक्षा बैठक थी। इसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि तपोवन भवन की मरम्मत और सफाई का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए ताकि सत्र शुरू होने से पहले परिसर पूरी तरह तैयार हो।सत्र में भाग लेने वाले पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के विधायकों के ठहरने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को विधानसभा परिसर में तैनात किया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सत्र के दौरान विधानसभा भवन के भीतर मोबाइल फोन, लैपटॉप या किसी भी प्रकार के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सुरक्षा कारणों से लागू की गई है ताकि कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।सत्र के दौरान विधानसभा भवन और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक कृत्रिम दुधिया रोशनी से सजाया जाएगा। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, पर्यटन, दूरसंचार, जनसम्पर्क और परिवहन विभागों को अपने-अपने कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंत में अध्यक्ष पठानिया ने कहा कि शीतकालीन सत्र हिमाचल प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसलिए सभी विभागों को समन्वय और सजगता के साथ कार्य करना होगा ताकि सत्र की कार्यवाही निर्बाध और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।