Facebook-f Youtube X-twitter

मनरेगा e-KYC में हिमाचल अव्वल: कठिन भू-परिस्थितियों के बावजूद 56.3% श्रमिकों ने पूरा किया कार्य, कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा

मनरेगा e-KYC में हिमाचल अव्वल: कठिन भू-परिस्थितियों के बावजूद 56.3% श्रमिकों ने पूरा किया कार्य, कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा

Shimla, 16 November

हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ विकास की राह में बाधा नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति उन्हें अवसर में बदल सकती है। देशभर में मनरेगा श्रमिकों की e-KYC प्रक्रिया जारी है, और इस अभियान में हिमाचल ने अन्य राज्यों की तुलना में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। प्रदेश में 14 नवंबर तक 56.3% मनरेगा श्रमिक e-KYC प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 53.51% है।यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि हिमाचल में जनसंख्या बिखरी हुई है और कई क्षेत्र अत्यंत दुर्गम हैं। इसके बावजूद डिजिटल पारदर्शिता और तकनीकी क्रियान्वयन में प्रदेश ने देश के सामने मिसाल पेश की है।

7.85 लाख से अधिक श्रमिकों ने कराई e-KYC

हिमाचल में अब तक 7,85,211 श्रमिक अपनी e-KYC करवा चुके हैं। इसके ठीक उलट देश के कई बड़े राज्य अभी भी इस प्रक्रिया में काफी पीछे हैं। उदाहरण के तौर पर, मध्य प्रदेश जहां कुल 1 करोड़ 91 हजार 388 श्रमिक हैं, उनमें से केवल 11.35% ने e-KYC पूर्ण की है।असम में यह आंकड़ा 13.12%, बिहार में 24.04%, हरियाणा में 32.98%, झारखंड में 33.59%, गोवा में 38.06%, पंजाब में 42.05%, नागालैंड में 47.82%, महाराष्ट्र में 52.8%, और राजस्थान में 55.26% है—ये सभी हिमाचल से कम हैं। इससे हिमाचल की प्रशासनिक तत्परता और स्थानीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी स्पष्ट झलकती है।

जिलावार स्थिति क्या कहती है?

प्रदेश के अधिकांश जिलों ने e-KYC अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

  • मंडी जिला 1,98,971 e-KYC के साथ सबसे आगे है।
  • इसके बाद चंबा (1,28,780) और कांगड़ा (1,06,621) आते हैं।
  • शिमला में 90,840, कुल्लू में 70,742, और हमीरपुर में 56,180 श्रमिकों की e-KYC पूरी हो चुकी है।
  • सीमांत जिलों किन्नौर (14,678) और लाहौल-स्पीति (3,405) ने भी अपनी भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद उल्लेखनीय प्रगति की है।
  • बिलासपुर (34,273), सिरमौर (35,333), सोलन (18,795) और ऊना (26,593) ने भी संतोषजनक प्रदर्शन किया है।

मनरेगा के तहत उपलब्ध 266 प्रकार के कार्य

मनरेगा ग्रामीणों के लिए न केवल आजीविका का मजबूत माध्यम है, बल्कि गांवों में आधारभूत ढाँचे को सुदृढ़ करने का साधन भी है। योजना के तहत श्रमिक वर्ष में 100 दिनों का रोजगार प्राप्त कर सकते हैं और इसके अंतर्गत 266 प्रकार के कार्य शामिल हैं।
इनमें जल संरक्षण, चेक डैम, नहर निर्माण, भूमि सुधार, ग्रामीण सड़कें, पौधारोपण, बागवानी, जलाशय सफाई, सिंचाई प्रबंधन, गोदाम निर्माण, पशु आश्रय, आवास निर्माण और बाढ़ नियंत्रण जैसे कार्य प्रमुख हैं।

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

महिला आरक्षण विधेयक के साथ डिलिमिटेशन जोड़ने पर विपक्ष का विरोध: देवेंद्र जग्गी

राहुल चावला, धर्मशाला-:महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस विधेयक के साथ डिलिमिटेशन (सीमांकन) का मुद्दा भी जोड़ दिया, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। जग्गी ने कहा कि यदि केवल महिला आरक्षण विधेयक पर ही चर्चा होती, तो यह आसानी...

पहले वन मित्र, अब सहायक वन रक्षक के नाम पर भर्ती कर कर्मचारियों को बांटने का काम कर रही सुक्खू सरकार

पहले वन मित्र, अब सहायक वन रक्षक के नाम पर भर्ती कर कर्मचारियों को बांटने का काम कर रही सुक्खू सरकार मंडी,धर्मवीर- बीते रोज प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले सहायक वन रक्षक भर्ती का विरोध हो गया है। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने इस भर्ती का विरोध करते हुए सुक्खू...

अवैध खनन विवाद पर सियासत तेज: कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए दबाव के आरोप, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

हमीरपुर,अरविंद-:जिले में सामने आए अवैध खनन मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं पर जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में कानून से ऊपर कोई नहीं है और...

रिटायरमेंट कॉलोनियों में बढ़ेगा FAR, वरिष्ठ नागरिकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

Summer Express, चंडीगढ़। शहरी क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित की जा रही रिटायरमेंट कॉलोनियों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन कॉलोनियों में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 तक करने की अनुमति दी जाएगी। यह बढ़ोतरी हस्तांतरणीय विकास अधिकार (TDR) के माध्यम से लागू होगी।...

डलहौजी के नगाली क्षेत्र में संदिग्ध वस्तु मिलने से फैली दहशत, सेना ने संभाली स्थिति

चंबा,मंजूर पठान-:डलहौजी उपमंडल के नगाली क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब चलाड़ी गांव के पास शीतला माता मंदिर के नीचे एक संदिग्ध वस्तु मिलने की खबर सामने आई। यह सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गए। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत नगाली के प्रधान शुभम कुमार...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.