बहादुरगढ़ | बहादुरगढ़ में वायु प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर भयावह हो गई है। रविवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 439 के स्तर पर पहुंच गया, जो सीपीसीबी मानकों के अनुसार ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है। एक दिन पहले AQI 300 था, यानी 24 घंटे में प्रदूषण में 139 अंकों की तेजी दर्ज की गई।
हवा की गति में बदलाव से प्रदूषण में उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार बढ़ने पर प्रदूषण का स्तर नीचे आता है, लेकिन जैसे ही हवा मंद पड़ती है, धूल और प्रदूषक कण फिर वातावरण में जमने लगते हैं, जिससे AQI 400 के पार पहुंच जाता है।
गंभीर श्रेणी के प्रदूषण में सांस लेने तक में परेशानी बढ़ जाती है। दिल्ली-एनसीआर में पहले से ग्रेप-3 लागू है, फिर भी प्रदूषण का स्तर नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो प्रशासन को ग्रेप-4 की पाबंदियां लागू करनी पड़ सकती हैं, जिनमें निर्माण गतिविधियों पर सख्त रोक लग सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़क पर पानी का छिड़काव जारी
नगर निगम और संबंधित विभागों की ओर से सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि उड़ने वाली धूल को कम किया जा सके। लेकिन बदलते मौसम और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण राहत की कोई स्थायी स्थिति नहीं बन पा रही है।
सांखौल में कचरा नियंत्रण के लिए अस्थायी कूड़ा घर तैयार
शहर के बाहर सांखौल गांव में खुले में कचरा फेंकने की समस्या को रोकने के लिए एक बड़ा अस्थायी कूड़ा घर बनाया गया है। रोहतक रोड स्थित देवीलाल पार्क के पास यह सुविधा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मार्गदर्शन में रिलायंस MET द्वारा CSR फंड से विकसित की गई है।
पिछले दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा के निरीक्षण के बाद इस कूड़ा घर के निर्माण कार्य को तेज किया गया था, जो अब पूरी तरह तैयार है।
कचरे को व्यवस्थित तरीके से जमा करने के लिए
- एक तरफ खिड़की लगाई गई है, जहां लोग अपना घरेलू कचरा डाल सकेंगे।
- दूसरी ओर से जेसीबी की मदद से कचरे को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर डिस्पोज़ किया जाएगा।
प्रशासन को उम्मीद है कि इसके बन जाने से लोग पेयजल माइनर के पुल के आसपास खुले में कचरा फेंकना बंद करेंगे और क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी।