नई दिल्ली I बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद इंडिया ब्लॉक के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व अखिलेश यादव को संभालना चाहिए।
मेहरोत्रा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य में अपने दम पर सरकार बनाने की क्षमता रखती है। पिछले वर्ष हुए लोकसभा चुनावों में सपा ने 80 में से 37 सीटें जीतकर कांग्रेस के बाद लोकसभा में दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में स्थान बनाया था।
“बैलट पेपर होते तो महागठबंधन सरकार बनाता” — मेहरोत्रा
लखनऊ मध्य से विधायक मेहरोत्रा ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बिहार में मतदान बैलेट पेपर से कराए जाते, तो महागठबंधन की सरकार बन सकती थी। अखिलेश यादव लगातार बैलेट पेपर की मांग और ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं।
कांग्रेस की करारी हार के बाद नेतृत्व पर उठे सवाल
मेहरोत्रा का बयान उस समय सामने आया है जब कांग्रेस का बिहार में प्रदर्शन चिंताजनक रहा। 2020 में 19 सीटें जीतने वाली पार्टी इस बार केवल 6 सीटों पर सिमट गई, जबकि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने व्यापक चुनावी प्रचार किया था।
वहीं दूसरी ओर, राजद 25 सीटों पर सिमट गई, जो 2020 की तुलना में 50 कम हैं। एनडीए ने 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें जीतकर जोरदार जीत हासिल की। लगातार चुनावी पराजय ने इंडिया गठबंधन में नेतृत्व बदलाव की बहस को और गति दी है।
ममता बनर्जी का नाम भी आया था चर्चा में
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने प्रस्ताव दिया था कि टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व संभालें। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी ममता बनर्जी के नाम का समर्थन किया था।