चंडीगढ़ | दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने अपने एक्स अकाउंट पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए आतंकवाद को “खतरनाक सनक” करार दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकियों की कोई क्षमता नहीं होती, इसी कारण वे सीधे मुकाबले की बजाय आम नागरिकों को निशाना बनाते हैं और दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं।
डीजीपी ओपी सिंह ने लिखा कि जन-सुरक्षा एक निरंतर प्रक्रिया है, जो ऑक्सीजन की तरह आवश्यक है—जरा सी कमी भी हालात बिगाड़ सकती है। उन्होंने बताया कि हर तरफ खतरे मौजूद हैं और अपराध तंत्र लगातार ऐसे तत्वों पर निगरानी रखता है।
उन्होंने कहा, “आतंकवादियों की मंशा सीधी लड़ाई की नहीं होती। इसलिए वे निर्दोष लोगों को टारगेट करते हैं। ऐसे खतरों को रोकने के लिए राज्य पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियों तक एक मजबूत व व्यापक तंत्र 24×7 काम करता है।”
NCR में एंटी-टेररिज्म तंत्र और मजबूत किया गया: डीजीपी
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि हाल ही में फरीदाबाद में अंतर्राज्यीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय खुफिया एजेंसी, दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस के एटीएस अधिकारी शामिल हुए। सभी एजेंसियों ने आपस में इनपुट और सुरक्षा अपडेट साझा किए।
उन्होंने कहा, “जब सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर काम करती हैं तो परिणाम कई गुना बेहतर होते हैं। हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में एंटी-टेररिज्म तंत्र को और मजबूत किया गया है। यह टीम लगातार सूचनाएँ जुटाएगी, जांच करेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करेगी।”
सतर्क नागरिक ही आतंकवाद के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार
डीजीपी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद पर प्रभावी प्रहार तभी संभव है जब आम नागरिक भी सतर्क रहें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि—
- अमेरिका में 9/11 से पहले अलकायदा के आतंकवादी केवल विमान टेक-ऑफ की ट्रेनिंग ले रहे थे।
- यदि ट्रेनर ने यह असामान्यता नोट कर पुलिस को सूचित किया होता तो उनकी योजना शायद नाकाम हो जाती।
- इजराइल में नागरिकों की सतर्कता के कारण पुलिस बड़ी संख्या में आतंकी हमले नाकाम करती है।
उन्होंने हरियाणा का एक उदाहरण भी दिया, जहाँ करनाल में एक होटलकर्मी ने संदिग्ध पहचान पत्र पर सतर्कता दिखाते हुए पुलिस को सूचित किया। रातभर चले अभियान के बाद व्यक्ति को पकड़ा गया। बाद में मामला कुछ और निकला, लेकिन नागरिक की जागरूकता प्रशंसनीय रही।
डीजीपी की अपील
ओपी सिंह ने नागरिकों से अपील की “आतंकवाद के खिलाफ पुलिस की आँख और कान बनें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या वस्तु की सूचना तुरंत 112 पर दें। आपकी सतर्कता आतंकियों को योजना बनाने और छिपने की जगह नहीं देगी।”