यमुनानगर | इनेलो की महिला प्रदेश संयोजक सुनैना चौटाला सोमवार को यमुनानगर पहुंचीं, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। इस अवसर पर सुनैना चौटाला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और कानून व्यवस्था से लेकर महंगाई तक कई मुद्दों पर सवाल खड़े किए।
“हरियाणा में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है” : सुनैना
मीडिया से बातचीत में चौटाला ने कहा कि राज्य में हर दिन हत्याएं, अपहरण और आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुड़गांव में शराब ठेकों की नीलामी के दौरान गोलियां चलती हैं, और इसी तरह की घटनाएं सोनीपत, सिरसा और यमुनानगर में भी सामने आ चुकी हैं।
“लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे, हर तरफ डर का माहौल है,” उन्होंने कहा।
“भाजपा विकास नहीं, धर्म-जाति के नाम पर मांगती है वोट”
महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार जनता से विकास के नाम पर नहीं, बल्कि जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के युवा जब रोजगार की तलाश में विदेश जाते हैं, तो वहां से उन्हें निकाल दिया जाता है – यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
“ओपी चौटाला की तस्वीर लगाने से मंशा नहीं बदलती”
ओमप्रकाश चौटाला की फोटो को लेकर जेजेपी और भाजपा पर निशाना साधते हुए सुनैना ने कहा, “चौटाला साहब जननेता थे। उनकी तस्वीर भाजपा भी लगा सकती है, लेकिन उनकी मंशा क्या है, ये देखने वाली बात है।” उन्होंने कहा कि जेजेपी पहले दुष्यंत को “दादा गौतम” कहती थी, फिर मनोहर लाल खट्टर की तस्वीरें लगाने लगी और अब ओपी चौटाला की तस्वीर का सहारा ले रही है – यह राजनीतिक अवसरवाद है।
“राजनीतिक मतभेद वाले परिवार कभी एक नहीं हो सकते”
एक परिवार के फिर से एक होने की संभावना पर सुनैना ने कहा, “सामाजिक मतभेद वाले परिवार मिल सकते हैं, लेकिन जो राजनीतिक तौर पर अलग होकर अपने बुजुर्गों को छोड़ चुके हों, उनकी एकता की संभावना नहीं होती।”
“हर महिला को देंगे ₹1100, शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”
भाजपा की ओर से 2100 रुपये देने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा ने अपने वादे कभी पूरे नहीं किए, जबकि इनेलो जो कहती है, वो करती है। हमारी सरकार आने पर हर महिला को ₹1100 की सम्मान राशि दी जाएगी।”
उन्होंने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “प्रदेश में शिक्षा का जनाजा निकल चुका है। HAU की डिग्रियों पर सवाल उठने लगे हैं, और शिक्षा मंत्री खुद स्वीकार करते हैं कि उन्हें अंग्रेजी नहीं आती। यह हरियाणा के लिए दुर्भाग्य की बात है।”