Shimla, 23 November-:हिमाचल प्रदेश में राजभवन के बाहर कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस प्रदर्शन को पूरी तरह अवैध और संवैधानिक परंपराओं के विपरीत बताया। उनका कहना है कि बिना अनुमति उच्च सुरक्षा क्षेत्र राजभवन में जुटना और वहां विरोध प्रदर्शन करना संकेत देता है कि कांग्रेस राजनीतिक मर्यादाओं को दरकिनार कर किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य राज्यपाल पर दबाव बनाना और प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावित करना है, जो लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरनाक है। उनके अनुसार, यह व्यवहार न केवल राज्यपाल की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि संवैधानिक संस्थाओं के स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि पंचायती राज चुनावों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और राज्य चुनाव आयोग के बीच बढ़ता विवाद प्रदेश में संवैधानिक संकट गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा राज्यपाल को स्थिति से अवगत कराते हुए चिंता व्यक्त करना इस बात का संकेत है कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव डालकर पंचायत प्रतिनिधियों—जैसे प्रधान, बीडीसी सदस्य, वार्ड पंच, जिला परिषद सदस्य और नगर निकाय प्रतिनिधियों—के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है और सत्ता के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।प्रधानमंत्री के पुतले को जलाने की घटना पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे अमर्यादित राजनीतिक आचरण बताया। भाजपा ने मांग की है कि सरकार ऐसे प्रदर्शनों पर तुरंत रोक लगाए और राज्य में कानून-व्यवस्था के साथ संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाए।