Shimla, Sanju-:शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने सोमवार को दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी बैठक में उपस्थित ही नहीं हुए। इस गैरजिम्मेदाराना रवैये पर सांसद कश्यप खुले तौर पर नाराज़ दिखे। उन्होंने जिला शिमला उपायुक्त अनुपम कश्यप को तुरंत आदेश दिए कि अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
PWD अधिकारियों को जारी होगा कारण बताओ नोटिस
सांसद ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग को बड़े स्तर पर सहायता और फंड उपलब्ध करवाए गए हैं, ऐसे में विभाग के अधिकारियों का बैठक में नदारद रहना बिल्कुल अस्वीकार्य है।समीक्षा बैठक के दौरान सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों में लगातार हो रही देरी पर भी राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बार-बार डिजास्टर एक्ट लागू होने की दलील दे रही है, जबकि प्रदेश में रोज़मर्रा की जिंदगी सामान्य रूप से चल रही है। बच्चे स्कूल जा रहे हैं, लोग अपने कामकाज कर रहे हैं, और बड़ी संख्या में सड़कें भी आवाजाही के लिए खुली हैं। ऐसे में पंचायत चुनावों को टालना जनता के अधिकारों का हनन है। उन्होंने इसे कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक नाकामी करार दिया।कश्यप ने सवाल उठाया कि यदि सरकार का दावा है कि कई सड़कें अभी भी बंद हैं, तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि जनता सरकार से समाधान की उम्मीद रखती है, न कि चुनाव प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की।
बैठक के दौरान सांसद कश्यप ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष विनय कुमार को भी शुभकामनाएं दीं। दिलचस्प बात यह है कि सुरेश कश्यप और विनय कुमार दोनों ही जिला सिरमौर से ताल्लुक रखते हैं, जिसके चलते राजनीतिक क्षेत्र में उनकी भूमिकाओं पर खास नज़र टिकी रहती है।सांसद ने बैठक में सभी विभागों को केंद्र की योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए, साथ ही जनता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया।