Una, Rakesh-:उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को हरोली खड्ड पर लगभग 4 करोड़ की लागत से बने 36 मीटर स्पैन वाले ‘बो-स्ट्रिंग आरसीसी बीम पुल’ का लोकार्पण किया। इस पुल का निर्माण एक वर्ष से कम समय में पूरा किया गया है, जिससे बरसात के दौरान क्षेत्र की आवाजाही और सुरक्षा दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पुल के शुरू होने से स्थानीय लोगों और वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सवा दो सौ करोड़ की विकास परियोजनाएँ क्षेत्र में बदल रही तस्वीर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र निर्णायक विकास के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि हरोली में 126 करोड़ रुपये की लागत से 8 पुलों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि 85 करोड़ रुपये से 10 सड़क परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि जेजों मोड़–टाहलीवाल लिंक रोड के स्तरोन्नयन के लिए 48.69 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे कुल 20 करोड़ की सड़क और 8.74 करोड़ का बढ़ेड़ा पुल, 15.4 करोड़ का कांगड़ पुल तथा 6.24 करोड़ का पालकवाह पुल निर्मित किए जाएंगे।उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की बीत क्षेत्र सिंचाई योजना (फेज-2) चल रही है, जिससे पालकवाह, कर्मपुर, ठाकरा, पुबोवाल, कुठार और गोंदपुर जयचंद के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त हरोली के लिए 100 करोड़ की दूसरी पेयजल योजना भी तैयारी के चरण में है।
बल्क ड्रग पार्क पर बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को केंद्र सरकार से पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त हो चुकी है और 350 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। भूमि समतलीकरण का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।इसी दौरान उपमुख्यमंत्री ने उपायुक्त ऊना को जिले में बढ़ रहे हथियार कल्चर को समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊना की शांतप्रिय जनता ऐसे माहौल में रहना चाहती है जहाँ कानून का भय हो और अपराधियों में डर। इसलिए प्रशासन को सख्त से सख्त कार्रवाई में कोई हिचक नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की राजनीति विकास, कल्याण और गरीबों की सेवा पर केंद्रित है। जिले में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी घटना के आरोपी तुरंत चिन्हित किए जा सकें और कार्रवाई में तेजी आए।