Dharamshala, Rahul-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य परिवहन निगम (HRTC) के लगातार बढ़ते घाटे को देखते हुए बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकार अब HRTC के कुल 435 ऐसे रूट बंद करने जा रही है, जहां यात्री संख्या बेहद कम है और बसों का संचालन निरंतर नुकसान में चल रहा था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि निगम पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और वर्तमान स्थिति काफी चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि HRTC को हर महीने करीब 70 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। वार्षिक घाटा 840 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि निगम पर कुल बकाया घाटा 2200 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर साल लगभग 780 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में दे रही है, लेकिन इसके बावजूद HRTC की वित्तीय स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा।इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि उन रूटों पर, जहां बसें खाली चल रही हैं या यात्रियों की संख्या बहुत कम है, उन्हें अब HRTC से हटाकर निजी ऑपरेटरों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल अध्यादेशित और नुकसानदायक रूट ही बंद किए जा रहे हैं, ताकि HRTC को स्थिर किया जा सके।
निजी बसों को मिलेगा मौका,छात्रों के लिए नई पास पॉलिसी तैयार
सरकार अब इन रूटों पर निजी बसों को अनुमति देने जा रही है और साथ ही विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए नई पास पॉलिसी भी लाई जाएगी। इसके तहत छात्रों के स्मार्ट कार्ड तैयार किए जाएंगे। इन कार्डों की मदद से यह पता चल सकेगा कि किन रूटों पर वास्तविक रूप से कितने विद्यार्थी यात्रा कर रहे हैं और उन्हें किस प्रकार की रियायत दी जा सकती है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि कंधर–बागा बस सेवा को फिलहाल चंडीगढ़ तक ही चलाया जाएगा, क्योंकि दिल्ली तक यह सेवा लगातार घाटे में रही। इसी तरह बिलासपुर–कंदरौर–हरलोग–जाहू रूट पर HRTC सेवा बंद कर दी गई है और इसकी जगह निजी बसें चल रही हैं। शिमला और परवाणु डिपो से अतिरिक्त बसों को सुंदरनगर भेजने की भी योजना है। वहीं, गद्दीधार–करसोग रूट को अभी बहाल नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2016 से 2021 तक रिटायर हुए होमगार्ड कर्मियों का एरियर राज्य की वित्तीय स्थिति सुधरने पर दिया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी होमगार्ड को यह भुगतान इस वित्तीय वर्ष के अंत तक मिलने की उम्मीद है। उन्होंने केंद्र से मदद न मिलने पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर वित्तीय सुधार की दिशा में काम कर रही है।