Dharamshala, Rahul-:विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने आपदा राहत, भूमि कानून और स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की स्पष्ट स्थिति सामने रखी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सदन में विस्तृत चर्चा के बाद ही नीतियां तैयार की जाती हैं और सरकार यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को नीति के अनुसार पूरा लाभ मिले। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपदा में जिन लोगों के आवास क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें बिना किसी कटौती के पूरे 7 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बेहद संवेदनशील है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
धारा 118 को लेकर विपक्ष द्वारा उठाई जा रही शंकाओं पर सीएम सुक्खू ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि इस कानून में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि आज सदन में जो विधेयक पेश किया गया है, वह केवल उन लोगों की सुविधा के लिए लाया गया है जिन्होंने जमीन खरीदने के बाद पांच साल की अवधि में 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है लेकिन व्यावहारिक कारणों से पूरा काम समय पर नहीं कर पाए। मौजूदा नियमों में पांच साल बाद किसी प्रकार का एक्सटेंशन देने का प्रावधान नहीं था, इसलिए सरकार ने ऐसा तंत्र बनाने का निर्णय लिया है जिससे जरूरत पड़ने पर एक साल की अतिरिक्त अवधि दी जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान लोगों की सहूलियत और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ लाया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं और डॉक्टर तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्वयं इसकी पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी का काम सिर्फ आरोप लगाना और राजनीतिक रोटियां सेकना रह गया है। सरकार प्रदेश के विकास और जनता की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।