चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधियों, नशा तस्करों और जुआरियों पर नकेल कसने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ऑपरेशन ‘हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ के तहत पांचवें दिन राज्यभर में 834 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 106 नए मामले दर्ज किए।
साइबर ठगी पर करारा प्रहार : 90 लाख रुपये फ्रीज
शुक्रवार को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर 313 लोगों ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत दी। शिकायतों में बताया गया कि साइबर अपराधियों ने लगभग 1.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। तुरंत कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने ठगों के खातों में पहुंचने से पहले ही 90 लाख रुपये (64%) फ्रीज कर दिए और 14 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा पीड़ितों के 6 लाख रुपये वापस करवाए गए।
फरीदाबाद में क्रेडिट कार्ड बनवाने और लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह को पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली व बिहार के आयुष गुप्ता, अरबाज, नवाब खान और ऋषभ कुमार के रूप में हुई। वहीं ऑनलाइन ‘टास्क कम्प्लीशन’ के नाम पर लोगों को फंसाने वाला सुजल हलदार मथुरा से दबोचा गया।
अंतरराज्यीय गिरोहों पर भी शिकंजा
हरियाणा पुलिस ने खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए विभिन्न राज्यों के साथ 127 इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा की हैं, जिससे सीमा पार काम करने वाले संगठित अपराधी गिरोहों पर भी कार्रवाई तेज हो सकी।
इसके दौरान 21 वांछित और हिंसक अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे।
हथियारबंद अपराधियों पर कार्रवाई
ऑपरेशन में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के 9 मामले दर्ज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
साथ ही 8 लुक आउट नोटिस जारी किए गए और एक कुख्यात अपराधी का पासपोर्ट रद्द करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, और राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान और तेज किया जाएगा।