चंडीगढ़। हरियाणा ओलंपिक संघ ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए नई आचार संहिता जारी करते हुए साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो या वीडियो पोस्ट करना अब खिलाड़ियों को भारी पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वाले खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
संघ अध्यक्ष कैप्टन जसविंद्र सिंह उर्फ मीनू बेनीवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन खिलाड़ियों की छवि को नुकसान पहुंचाता है और युवाओं को गलत संदेश देता है। इसलिए अब इस पर कड़ा रुख अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुचित व्यवहार न केवल खेलों की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि हिंसा को बढ़ावा देने वाला भी प्रतीत होता है।
उल्लंघन पर निलंबन और कानूनी कार्रवाई
आचार संहिता के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने पर खिलाड़ी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन, कानूनी जांच और संबंधित खेल संगठनों को लिखित नोटिस भेजने जैसी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम प्रशिक्षकों पर भी समान रूप से लागू होंगे।
शिकायत और वरिष्ठ खिलाड़ियों के विरोध के बाद फैसला
संघ का यह निर्णय अधिवक्ता राजनारायण पंघाल की शिकायत और कई अर्जुन पुरस्कार व भीम पुरस्कार विजेताओं के विरोध के बाद लिया गया है। अनुभवी खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर हथियारों के वीडियो-फोटो अपलोड किए जाने को खेलों की आत्मा के खिलाफ बताते हुए इसे रोकने की मांग की थी।
जागरूकता अभियान भी होगा अनिवार्य
कैप्टन बेनीवाल ने सभी जिला ओलंपिक संघों, राज्य खेल संगठनों और जिला खेल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को नया आदेश जारी करें। उन्होंने कहा कि हर जिले में साल में कम से कम एक बार अनिवार्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें इंटरनेट मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, कानूनी जिम्मेदारियों और खिलाड़ी की सार्वजनिक छवि जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार पहले ही उन गायकों पर कार्रवाई कर चुकी है, जिनके गानों में अपराध और हथियारों को बढ़ावा दिया जाता था। अब इसी सख्ती को खिलाड़ियों तक भी लागू करते हुए साफ संदेश दिया गया है कि खेलों से जुड़ा कोई भी व्यक्ति हिंसा या हथियारों के प्रदर्शन को बढ़ावा नहीं देगा।