चंडीगढ़। हरियाणा में हड़ताली डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच गुरुवार देर रात महत्वपूर्ण सहमति बन गई, जिसके बाद हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) के डॉक्टर तुरंत ड्यूटी पर लौट आए। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में करीब पाँच घंटे चली बातचीत में डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) पर समझौता नहीं हो सका, लेकिन सरकार ने विकल्प के रूप में आयुष्मान भारत योजना के तहत ऑपरेशन और उपचार करने वाले डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन (इंसेंटिव) देने का प्रस्ताव रखा। डॉक्टरों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि आयुष्मान योजना में इंसेंटिव के ढांचे को तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में HCMSA का एक प्रतिनिधि भी शामिल होगा। समिति अन्य राज्यों की योजनाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
बैठक में एसएमओ (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) की सीधी भर्ती पर भी सहमति बन गई। इसके अलावा नवनियुक्त डॉक्टरों की शहरी तैनाती को लेकर उठी चिंता पर सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्त नहीं किया जाता, तो इससे उनके ACP के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे।
डॉक्टरों की हड़ताल अवधि को देय अवकाश माना जाएगा, बशर्ते एसोसिएशन भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा नहीं डालेगी। यह सहमति बनने के बाद डॉक्टर तुरंत काम पर लौटने को तैयार हो गए।
बैठक दो चरणों में चली। डॉक्टरों द्वारा लिखित आश्वासन की मांग के बाद स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले, जिन्होंने सहमत बिंदुओं को मंजूरी दी। इसके बाद सरकार ने लिखित आश्वासन दिया और डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।
समझौते के बाद राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के फिर से सुचारू होने की उम्मीद है। यह समाधान सरकार और चिकित्सा समुदाय के बीच लंबे समय से चली आ रही असंतुष्टि को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।