प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित जन संकल्प रैली के बीच एक अलग ही तस्वीर सामने आई, जिसने कार्यक्रम में शामिल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं वे महिलाएं, जिन्होंने वर्षों पहले स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग पूरी कर ली थी, अब बेरोजगारी के दर्द से जूझते हुए न्याय की गुहार लेकर रैली स्थल पहुंची थीं। हाथों में “जस्टिस” लिखे बैनर और बैचवाइज भर्ती की मांग से जुड़े पोस्टर लहराते हुए वे सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करती रहीं।
महिलाओं ने बताया कि वे वर्ष 2009 से बैचवाइज और कमीशन के माध्यम से होने वाली नियमित भर्ती की प्रतीक्षा कर रही थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद सरकार द्वारा निकाली गई नई भर्ती में उम्र की शर्त जोड़ दी गई है। इस कारण अनेक प्रशिक्षित नर्सें पात्र होते हुए भी आवेदन करने का अवसर खो चुकी हैं। उनका कहना था कि सरकार ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया है और एक दशक से ज्यादा समय तक बेरोजगारी झेलने के बाद अब उम्र सीमा उनके रास्ते में नया अवरोध बनकर खड़ा है।
प्रशिक्षित नर्सों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में आउटसोर्स या अन्य अस्थायी माध्यमों से की जा रही नियुक्तियों में मात्र दस हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का खर्च चलाना लगभग असंभव है। महिलाओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर दस हजार में घर चलाना इतना ही आसान है तो मुख्यमंत्री स्वयं इस वेतन में जीवनयापन करके दिखाएं, तभी उन्हें समझ आएगा कि उनकी परिस्थिति क्या है।
कई महिलाओं ने भावुक होकर बताया कि वे युवा अवस्था से लेकर आज लगभग सेवानिवृत्ति की स्थिति तक पहुंच गई हैं, परंतु उन्हें नौकरी का एक भी अवसर नहीं मिला। उनका कहना था कि वे हमेशा सरकार के साथ खड़ी रहीं, लेकिन सरकार ने ही उन्हें समय–समय पर टालते हुए निराश किया है। वे जब भी अपनी पीड़ा लेकर मुख्यमंत्री के पास जाती हैं, तो उन्हें स्वास्थ्य मंत्री से मिलने को कहा जाता है और जब स्वास्थ्य मंत्री के पास पहुंचती हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री के पास भेज दिया जाता है।इन महिलाओं का आरोप है कि सरकार की अनदेखी और लगातार आश्वासन देने की नीति ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है और वे खुद को असहाय महसूस कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सरकार ने उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे कड़े और गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगी।