बहादुरगढ़ | बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार देर रात लगी भयावह आग ने चार फैक्ट्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि जूते-चप्पल, प्लास्टिक दाना और थर्माकोल बनाने वाली यूनिटों में रखा लाखों रुपए का कच्चा और तैयार माल पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग की लपटों से फैक्ट्रियों की इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना पार्ट-2 औद्योगिक क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां प्लास्टिक, रबड़ और ज्वलनशील केमिकल की बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग लगातार भड़कती रही। फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में करीब सात घंटे का समय लगा। बहादुरगढ़ के अलावा सांपला, झज्जर, रोहतक और दिल्ली से कुल 18 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और लंबे प्रयासों के बाद आग बुझाई गई।
स्थानीय उद्योगपतियों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड को समय पर सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ियां देरी से पहुंचीं। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र छिकारा ने बताया कि आग सबसे पहले प्लॉट नंबर 2249 में स्थित फैक्ट्री में लगी, जिसके बाद कुछ ही देर में पास की 2248, 2250 और एक अन्य यूनिट भी आग की जद में आ गई। उन्होंने कहा कि यदि फायर टेंडर समय पर पहुंच जाते, तो आग को दूसरे यूनिटों में फैलने से रोका जा सकता था।
आग के दौरान कई कर्मचारियों को पड़ोसी फैक्ट्री से सामान निकालते हुए देखा गया, ताकि उद्योगपतियों को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। हालांकि, अधिकतर माल और मशीनरी आग में नष्ट हो चुकी है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, जो करोड़ों रुपए तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।