चंडीगढ़ | हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने 31 लाख लोगों को लाल डोरा और फिरनियों के अंदर की संपत्तियों का मालिकाना हक देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संपत्ति विवाद को खत्म करने और लोगों को उनके अधिकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने इन संपत्तियों का सर्वे और निशानदेही का काम पूरा कर लिया है। मालिकाना हक मिलने के बाद अब लोग अपनी संपत्ति का पक्का रिकॉर्ड अपने नाम करवा पाएंगे, इसे बेच सकेंगे और बैंक से लोन लेने में भी सक्षम होंगे।
कितने लोगों को फायदा
राज्य सरकार के इस प्रयास से लगभग 25 लाख ग्रामीण और छह लाख शहरी लोगों को लाभ मिलेगा। सरकार आगामी विधानसभा सत्र में इस संबंध में बिल भी पेश करने की तैयारी कर रही है।
संपत्तियों की वर्तमान स्थिति
लाल डोरा और फिरनियों के अंदर की अधिकांश संपत्तियां लोगों के नाम पर नहीं हैं। इससे कब्जों और विवादों की स्थिति बनी रहती थी। पंचायतों की कई संपत्तियों पर भी विवाद होते थे। मालिकाना हक न होने के कारण लोग अपनी जमीन बेच या बैंक लोन नहीं ले पा रहे थे।
सरकार की पहल
ग्रामीण लंबे समय से इस मामले में सरकार से मदद मांग रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2018 में इन संपत्तियों का सर्वे कराने और राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए थे। अब यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
नए रिकॉर्ड और पहचान
हरियाणा सरकार की ओर से संपत्तियों के मालिकों को राजस्व विभाग की तरफ से अलग नंबर दिया जाएगा। इससे पहले पूरे गांव का एक नंबर होता था। नए नंबर के साथ प्रत्येक संपत्ति का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा और स्पष्ट हो जाएगा कि परिवार के किस सदस्य के पास कितनी संपत्ति है।
ड्रोन सर्वे से तैयार किया गया डेटा
सर्वे में ड्रोन की मदद से सारी जमीनों की फोटो ली गई और मैप तैयार किया गया। इसके बाद मैप को ग्रामीणों के सामने रखा गया और उनकी सहमति लेने के बाद संपत्तियों का डेटा तैयार किया गया। ग्रामीणों से आपत्तियां भी मांगी गईं और सभी समस्याओं का समाधान किया गया।
यह कदम हरियाणा में संपत्ति विवाद को कम करने और लोगों को उनके अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।