चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) में शिक्षकों को ब्लॉक लेवल अधिकारी (BLO) के रूप में तैनात किए जाने के खिलाफ इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने विरोध जताया है। INLD अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इस कदम से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इसका समाधान तुरंत किया जाना चाहिए।
अभय चौटाला ने कहा कि BLO ड्यूटी के लिए केवल अध्यापकों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। मतदाता सूची के परीक्षण, नए मतदाताओं के पंजीकरण और संशोधन, तथा चुनाव में मतदान करवाने का कार्य पहले भी अध्यापकों को सौंपा जाता रहा है। लेकिन एसआइआर प्रक्रिया लंबी और समय-सघन होने के कारण स्कूलों से अध्यापकों की गैरमौजूदगी बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि अध्यापकों के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी BLO ड्यूटी का जिम्मा दिया जाए, खासकर उन स्कूलों में जहां अध्यापकों की संख्या कम है। अभय चौटाला ने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों में केवल दो या तीन शिक्षक हैं, वहां उन्हें BLO ड्यूटी पर लगाने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है।
INLD का कहना है कि राज्य सरकार को तुरंत कदम उठाकर शिक्षकों को अनावश्यक जिम्मेदारी से बचाना चाहिए और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। अभय चौटाला ने जोर देकर कहा कि BLO ड्यूटी के लिए विकल्प खोजने की जरूरत है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित न हो और बच्चों को उचित शिक्षा मिलती रहे।
इस तरह INLD ने शिक्षा और चुनावी प्रक्रिया दोनों के संतुलन को बनाए रखने की बात कही है, ताकि मतदाता सूची का काम सुचारू रूप से हो और बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।