चंडीगढ़ I हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सोमवार को बरौदा के कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पारित हो गया। अब इस मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकार हनन कमेटी करेगी।
इंदुराज नरवाल पर आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार को विधानसभा में भाजपा समर्थित निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा के चुनाव में कथित खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए थे। इसके जवाब में कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा ने कड़ा विरोध जताया।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्तिकेय शर्मा के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे निराधार और तथ्यहीन आरोप लगाने वाले विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सदन में हंगामा:
प्रस्ताव पारित होने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया। प्रश्नकाल के तुरंत बाद शक्ति रानी शर्मा ने सदन में खड़े होकर बताया कि 19 दिसंबर को इंदुराज नरवाल ने उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने इस विरोध में इंदुराज के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया।
स्पीकर ने सदन में वोटिंग करवाई, जिसमें 15 से अधिक विधायकों ने समर्थन व्यक्त किया। इसके बाद स्पीकर ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। इंदुराज नरवाल जब अपना पक्ष रखने लगे, तो स्पीकर ने उन्हें रोकते हुए कहा कि इस मामले में केवल विशेषाधिकार हनन कमेटी के सामने ही जवाब दिया जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विपक्ष ने सत्र से पहले कई मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए, जिन्हें खारिज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो सदस्य सदन में मौजूद न हो, उसके खिलाफ कोई टिप्पणी करना वर्जित है। कांग्रेस विधायक के आरोपों के खिलाफ इंदुराज को विशेषाधिकार हनन कमेटी में जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों को विधानसभा में उचित व्यवहार सिखाने की जरूरत है और कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
विनोद शर्मा ने यह भी बताया कि राज्यसभा चुनाव में इनेलो के विधायक ने खुले तौर पर कार्तिकेय शर्मा का समर्थन किया था, जबकि कांग्रेस के एक विधायक ने अपने मत का प्रयोग किया, लेकिन उस विधायक का नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए निराधार आरोप उठाने का आरोप लगाया।