Shimla,23 December-:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। केवल बयानबाजी और कागजी योजनाओं से न तो स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा और न ही आम जनता को बेहतर इलाज मिल पाएगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आज प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी व पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक उपकरणों और दवाइयों का अभाव है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित हिमकेयर, आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाएं गरीब और मध्यम वर्ग के लिए संजीवनी हैं, लेकिन राज्य सरकार की लापरवाही के कारण इन योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। कागजों में योजनाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
आईजीएमसी मारपीट की घटना पर प्रतिक्रिया
आईजीएमसी शिमला में हाल ही में हुई मारपीट की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह घटना स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था, अत्यधिक भीड़, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार के लिए गंभीर चेतावनी हैं, लेकिन सरकार इसे भी हल्के में ले रही है।जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार से मांग की कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए तुरंत खाली पदों को भरा जाए, अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए, आवश्यक दवाइयों व उपकरणों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक ईमानदारी से पहुंचाया जाए।