Shimla, Sanju-:राजधानी शिमला में लंबे समय से बारिश न होने के कारण पैदा हुए ड्राय स्पेल का असर अब शहरी हरियाली पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बरसात के मौसम में नगर निगम द्वारा लगाए गए पौधे पानी के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम शिमला की टीम ने मेयर सुरेंद्र चौहान की अगुवाई में चमियाना क्षेत्र का दौरा किया और वहां लगाए गए पौधों की सिंचाई की।
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत चमियाना में करीब एक सप्ताह तक विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया था। इस दौरान निगम द्वारा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि पर लगभग साढ़े तीन हजार पौधे रोपे गए थे। हालांकि, बीते तीन महीनों से बारिश न होने के कारण इन पौधों के सूखने का खतरा बढ़ गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने दो बड़े पानी के टैंकरों की व्यवस्था कर पौधों को जीवनदान देने की पहल की।पहले दिन करीब 1500 पौधों की सिंचाई की गई, जबकि शेष लगभग 50 प्रतिशत पौधों को आने वाले दिनों में पानी दिया जाएगा। निगम की टीम ने फायर ब्रिगेड में उपयोग होने वाले विशेष पाइपों की मदद से पौधों को पानी पहुंचाया, ताकि प्रत्येक पौधे को समान मात्रा में पानी मिल सके और जड़ें मजबूत बनी रहें।
इस मौके पर मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बारिश की कमी का असर केवल किसानों और बागवानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहरी हरियाली और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत लगाए गए पौधों को बचाना निगम की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पानी के टैंकरों के माध्यम से नियमित सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है।नगर निगम का कहना है कि यदि मौसम की यही स्थिति बनी रहती है, तो अन्य क्षेत्रों में भी लगाए गए पौधों की सिंचाई के लिए इसी तरह के कदम उठाए जाएंगे। इस अभियान से न केवल पौधों को संजीवनी मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में शिमला की हरियाली को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।