Shimla, 4 January-:भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि प्रदेश में बीपीएल सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया गरीबों को योजनाओं से वंचित करने की एक सुनियोजित साजिश बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कवायद किसी पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि गरीब विरोधी सोच का परिणाम है।
राकेश जमवाल ने कहा कि नए नियमों और कट-ऑफ का हवाला देकर बिना पंचायतों की संस्तुति, बिना जमीनी सत्यापन और बिना सार्वजनिक आपत्तियों के हजारों पात्र परिवारों के नाम बीपीएल सूची से हटाए जा रहे हैं। कई इलाकों में 80 से 90 प्रतिशत तक पुराने बीपीएल परिवारों का सूची से गायब हो जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि योजनाबद्ध कटौती है।उन्होंने कहा कि बीपीएल सूची से नाम कटते ही गरीब परिवारों को आवास, राशन, पेंशन, इलाज और छात्रवृत्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। कांग्रेस सरकार एक झटके में गरीबों की सामाजिक सुरक्षा को समाप्त कर रही है।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को जानबूझकर बाहर रखा गया, क्योंकि वे जमीनी सच्चाई से परिचित होते हैं और गरीबों के अधिकारों की रक्षा करते हैं। सरकार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को दरकिनार कर अफसरशाही के माध्यम से फैसले लेने का रास्ता अपनाया है।राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव समय पर न कराना इसी साजिश का हिस्सा है, ताकि गांवों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह अधिकारी बैठाकर मनमानी की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर बीपीएल सूची से नाम काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनरेगा जैसे रोजगार कार्यक्रम भी प्रभावित हैं।उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर सड़क से लेकर सदन तक गरीबों और पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी।