कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में कुल 15 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से छह का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि नौ मामलों को लंबित रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता समिति की उपाध्यक्षा अपराजिता ने की। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की अनुपस्थिति में उन्होंने बैठक का संचालन किया।
बैठक में पिछली बैठकों से लंबित एक गंभीर शिकायत पर विशेष चर्चा हुई। यह मामला ऋषि नगर निवासी नीतू मौण के भाई की हत्या से जुड़ा है, जो दिसंबर 2020 में हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पांच साल बीत जाने के बावजूद मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जब तक सीबीआई जांच औपचारिक रूप से शुरू नहीं हो जाती, तब तक की गई हर कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को नियमित रूप से दी जाए। समिति के सदस्यों के आग्रह पर इस शिकायत को अगली बैठक तक के लिए लंबित रखा गया।
नीतू मौण ने बैठक में बताया कि पुलिस स्वयं इस मामले को हत्या मान रही है, लेकिन जांच की रफ्तार धीमी होने से परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग दोहराई, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक अन्य शिकायत भी सामने आई। गांव करोड़ा निवासी श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि आंख के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई, जिससे उनकी आंखों की रोशनी प्रभावित हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार ऑपरेशन से पहले उनकी आंखों की रोशनी लगभग 70 प्रतिशत थी, जो ऑपरेशन के बाद घटकर मात्र 10 प्रतिशत रह गई।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जांच के आदेश दिए। सीईओ जिला परिषद, समाज कल्याण अधिकारी और समिति सदस्य गोपाल सैनी को शामिल करते हुए एक जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति ने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।