Shimla, Sanju-:जाठिया देवी क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि स्थानीय लोगों की इच्छा के खिलाफ एक इंच जमीन का भी अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। सरकार का दायित्व है कि वह क्षेत्र के निवासियों, किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा करे और किसी भी हाल में जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं होगा।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि जाठिया देवी में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्व में वीरभद्र सिंह सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी। उस समय पहले चरण में लगभग 260 बीघा भूमि हिमुडा के नाम दर्ज की गई थी। भविष्य में शहरी विकास की योजनाओं के तहत करीब 1200 बीघा भूमि की आवश्यकता जताई गई है, लेकिन मौजूदा सरकार इस प्रक्रिया को पूरी तरह जनभावनाओं के अनुरूप ही आगे बढ़ाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसानों और बागवानों की आजीविका सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो उसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। प्रभावित लोगों से संवाद किया जाएगा और उनकी सहमति के बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखना है।