Shimla, 28 January-:हिमाचल प्रदेश में बीते दो दिनों की भारी बारिश और बर्फबारी के बाद बुधवार को मौसम ने करवट ली और कई इलाकों में धूप खिली, लेकिन जनजीवन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, किन्नौर, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की मोटी परत जम गई है, जबकि निचले इलाकों में तेज बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों पर हुए ताजा हिमपात से सड़कें बंद हो गई हैं और आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।
मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। शिमला शहर में भी रात के समय हल्की बर्फ गिरी, जिससे ठंड और बढ़ गई। कुफरी, नारकंडा, चौपाल, जुब्बल-कोटखाई, रामपुर और रोहड़ू के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ से ढके नज़ारे देखने को मिले। हालांकि मौसम साफ होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बर्फबारी के बाद की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।मौसम की गंभीरता को देखते हुए लाहौल-स्पीति जिला, मनाली-बंजार उपमंडल और कुल्लू जिले के 13 स्कूलों में आज भी अवकाश घोषित किया गया है। मनाली में हजारों पर्यटक अब भी फंसे हुए हैं क्योंकि सड़कों पर जमी बर्फ के कारण वाहनों की आवाजाही संभव नहीं हो पा रही है। राज्य भर में शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और चंबा सहित कई जिलों में करीब 500 सड़कें अभी भी बंद बताई जा रही हैं।
इस बीच चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र की पूलन पंचायत के ओट नाला में हिमस्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार रात करीब एक बजे हुए इस हिमस्खलन में दो मालवाहक वाहन और तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। राहत की बात यह रही कि घटना रात के समय हुई और मौके पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जानहानि नहीं हुई। प्रशासन और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।कुल्लू और लाहौल घाटी में करीब 12 से 15 घंटे तक लगातार बारिश और बर्फबारी होती रही।मनाली में लगभग 60 सेंटीमीटर ताजा बर्फ गिरी, जबकि सोलंगनाला, अटल टनल, रोहतांग और जलोड़ी दर्रे में इससे भी अधिक हिमपात दर्ज किया गया। बीआरओ, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग की टीमें मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने में जुटी हैं, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।