पंजाब | मास्टर कैडर यूनियन पंजाब के स्टेट उप प्रधान जगजीत सिंह साहनेवाल और जिला जनरल सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह दोराहा ने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने मास्टर कैडर के नॉन-सब्जेक्ट अध्यापकों को 12वीं बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा लेने के आदेश जारी किए हैं। यह नया प्रयोग शिक्षकों में असंतोष पैदा कर रहा है और सरकार के शिक्षा क्रांति के दावों को सवालों के घेरे में डाल दिया है।
जिला इकाई लुधियाना के वरिष्ठ नेताओं स्वर्ण सिंह, राजविंदर सिंह, नवदीप सिंह और प्रेस सचिव मनोज कुमार ने बताया कि विभाग ने गणित, सामाजिक शिक्षा और वोकेशनल विषय के अध्यापकों को ऐसे विषयों में प्रैक्टिकल परीक्षा लेने के लिए नियुक्त किया है, जिनमें उनकी विशेषज्ञता नहीं है। उदाहरण के लिए गणित अध्यापक को साइंस या होम साइंस, सामाजिक शिक्षा अध्यापक को कॉमर्स और वोकेशनल शिक्षक को कॉमर्स विषय में ड्यूटी दी गई है।
लुधियाना के ब्लॉक अध्यक्ष प्रभजोत सिंह, हरजिंदर सिंह खन्ना, हरविंदर सिंह पुरैन, नवीन कपिला, जगमीत सिंह सिमरनजोत सिंह, और महिला इकाई की वरिष्ठ उप प्रधान कंवलजीत कौर समेत कई शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि अध्यापकों की ड्यूटी 50-60 किलोमीटर दूर तक लगाई गई है, जो उनके लिए असंभव और अनुचित है।
शिक्षकों ने विभाग से आदेशों में तुरंत संशोधन की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो आगामी बोर्ड परीक्षाओं में इसका विरोध किया जा सकता है।