सोलन। हिमाचल प्रदेश के पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में सामने आए ट्रकों के फर्जी पंजीकरण मामले में जांच के दौरान एक और गंभीर खुलासा हुआ है। आरोपित क्लर्क ने न केवल अपने नाम से, बल्कि एसडीएम सोलन के नाम से भी फर्जी लॉगिन आईडी तैयार कर रखी थी। इस मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन और पुलिस दोनों की जांच और तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपित क्लर्क इस फर्जी आईडी के जरिए बड़े स्तर पर वाहन पंजीकरण घोटाले को अंजाम देने की तैयारी में था। आशंका जताई जा रही है कि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को बिना किसी भौतिक सत्यापन और दस्तावेजी जांच के पंजीकृत करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एसडीएम की फर्जी आईडी का उपयोग कर किसी वाहन का पंजीकरण किया गया या नहीं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले आरएलए सोलन में बिना सत्यापन के फर्जी तरीके से वाहनों के पंजीकरण का मामला सामने आने के बाद एसडीएम सोलन ने अपने स्तर पर भी जांच शुरू कराई थी। इसी दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि क्लर्क ने उनके नाम से भी एक नकली लॉगिन आईडी बनाई थी। इसके बाद एसडीएम ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी आईडी के जरिए कितने वाहनों का पंजीकरण किया गया है।
इससे पहले जांच में यह भी सामने आ चुका है कि आरोपित क्लर्क ने अपने नाम से दो अलग-अलग लॉगिन आईडी तैयार कर रखी थीं, जिनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी समानांतर रूप से जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण को गंभीर लापरवाही मानते हुए आरएलए कार्यालय की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।