रोहतक। लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र सरकार और प्रस्तावित केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है और बीते नौ वर्षों में ऐसे नकारात्मक आर्थिक रिकॉर्ड बने हैं, जो आज़ादी के बाद 78 वर्षों में पहले कभी नहीं देखे गए।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं, लेकिन इसी अवधि में अर्थव्यवस्था कमजोर होने, रुपये के अवमूल्यन और बढ़ते व्यापार घाटे जैसे कई चिंताजनक संकेत सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच चुका है, जबकि देश का व्यापार घाटा बढ़कर 41.7 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
उन्होंने आर्थिक असमानता पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि देश की कुल संपत्ति का लगभग 40 प्रतिशत और आय का 65 प्रतिशत हिस्सा केवल 1 प्रतिशत सबसे अमीर वर्ग के पास केंद्रित हो गया है, जो सामाजिक संतुलन के लिए घातक संकेत है।
दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में बड़े कॉर्पोरेट घरानों के करीब 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए, जबकि आम जनता, किसान और युवा बेरोजगारी व महंगाई से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों का एकाधिकार लगातार बढ़ रहा है और रोजगार का स्वरूप मैन्युफैक्चरिंग से वापस कृषि क्षेत्र की ओर जाना चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकारों पर कुल कर्ज बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 82 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि सरकारी नौकरियों में लगातार कटौती की जा रही है।
शुक्रवार को दीपेंद्र हुड्डा गांव किलोई, रुड़की, मुंगान और आसन में दादी भदा मंदिर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान रुड़की गांव के बॉक्सिंग कोच विजय हुड्डा ने सांसद को जानकारी दी कि वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी मीनाक्षी हुड्डा को अब तक राज्य सरकार की ओर से सम्मान नहीं मिला है।
इस पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप समान सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने श्रम संहिताओं (लेबर कोड) और श्रमिक अधिकारों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मजदूरों और किसानों के हितों की आवाज संसद से लेकर विधानसभा तक पूरी मजबूती के साथ उठाई जाएगी।