गुरुग्राम। गुरुग्राम में कैब चालक सूरज की अपहरण के बाद हत्या कर टैक्सी लूटने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब तक कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है और फरार साथियों की तलाश तेज कर दी है।
सेक्टर-9 थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के बिजवासन निवासी कर्ण, बिहार के समस्तीपुर निवासी चंदन और गुरुग्राम के गढ़ी हरसरु निवासी कार्तिक के रूप में हुई है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के निवासी सानू को गिरफ्तार किया जा चुका था।
पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी 27 जनवरी की रात करीब ढाई बजे सेक्टर-37 से कैब बुक कर चालक सूरज को चंदू-बुढेड़ा की ओर ले गए थे। सुल्तानपुर क्षेत्र में आरोपियों ने सुनसान जगह पर मफलर से गला घोंटकर सूरज की हत्या कर दी और उसकी टैक्सी लेकर फरार हो गए। हत्या के बाद शव को खेतों में फेंक दिया गया था।
जीपीएस ट्रैकिंग से खुला मामला
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रैपुरा गांव निवासी सूरज सिंह वर्तमान में गांधीनगर में रहकर गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में टैक्सी चला रहे थे। वह पार्ट टाइम ओला, उबर और रेपिडो के लिए भी सेवाएं दे रहे थे। सूरज के जीजा और दोस्त ने जीपीएस लोकेशन के आधार पर गाड़ी को दिल्ली के कापसहेड़ा क्षेत्र में ट्रैक किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की मदद से पहले आरोपी सानू को पकड़ा गया।
सानू की निशानदेही पर गुरुवार रात सुल्तानपुर के पास खेतों से सूरज का शव बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान सानू ने पूरे गिरोह और साजिश का खुलासा किया।
हथियार, लूटी कार और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार, लूटी गई टैक्सी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी कार्तिक ने अपने फोन से कैब बुक कर पूरी वारदात की योजना बनाई थी।
फिलहाल मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।