कोलकाता | प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी और अवैध लेन-देन के खिलाफ मंगलवार सुबह एक बड़े अभियान की शुरुआत की। एजेंसी की टीमों ने कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल, बर्द्धमान समेत कुल नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई तस्करी से अर्जित धन के हवाला के जरिए ठिकाने लगाने के मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, ED को संदेह है कि कोयला तस्करी से जुड़े कारोबारियों ने अवैध तरीकों से कमाए धन को हवाला नेटवर्क के माध्यम से छुपाया। एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है, ताकि लेन-देन के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
दुर्गापुर में एजेंसी ने बालू कारोबारियों के ठिकानों पर भी दबिश दी। सेपको टाउनशिप, आंबेडकर सरणी और एनएच-19 के पास पांडवेश्वर और कांकसा में छापेमारी की गई। जांच में पता चला कि ये कारोबारी अजय और दामोदर नदी से बालू निकालने के कार्य से जुड़े हैं और वैध टेंडर का बहाना बनाकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रहे थे। कई चालानों का बार-बार इस्तेमाल कर बीरभूम और बर्द्धमान जिलों से बालू की तस्करी की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, इन अवैध गतिविधियों के जरिए कारोबारियों ने कम समय में भारी संपत्ति अर्जित की। ED की यह कार्रवाई अभी जारी है और एजेंसी पूरे मामले में व्यापक जांच कर रही है। इस अभियान से राज्य में कोयला तस्करी और अवैध खनन के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।