फतेहपुर, संजीव -:फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम, फतेहपुर यूनिट की मासिक बैठक का आयोजन एक निजी पैलेस में किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनिट की उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता वीर सिंह ठाकुर ने की, जबकि यूनिट के मुख्य सलाहकार एवं सेवानिवृत्त सहायक अभियंता धर्म कपूर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पेंशनरों ने विद्युत बोर्ड प्रबंधन और प्रदेश सरकार पर वर्षों से लंबित वित्तीय लाभ जारी न करने का गंभीर आरोप लगाया। धर्म कपूर ने कहा कि बार-बार ज्ञापन और मांगें सौंपे जाने के बावजूद पेंशनरों की जायज़ समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पेंशनर फोरम ने बताया कि मार्च 2024 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब तक लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा 01 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की राशि भी आज तक लंबित है। वहीं 70 और 75 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों के बकाया लाभ भी लंबे समय से अटके हुए हैं।
फोरम ने यह भी याद दिलाया कि मुख्यमंत्री द्वारा 25 जनवरी को 31 जनवरी तक एरियर जारी करने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक उस पर कोई अमल नहीं हुआ है। वर्ष 2002 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी आज भी ओपीएस लागू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।बैठक में स्मार्ट मीटर योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पेंशनर फोरम ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर लागू नहीं होने दिए जाएंगे। फोरम ने आरोप लगाया कि यह योजना चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई जा रही है, जिसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
पेंशनरों ने बताया कि एक स्मार्ट मीटर की कीमत लगभग 10 हजार रुपये है, जिसकी वसूली उपभोक्ताओं से मासिक किस्तों में की जाएगी। फोरम का कहना है कि जब मौजूदा मीटर सही ढंग से काम कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने का कोई औचित्य नहीं है। स्मार्ट मीटर लगने से विभागीय कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो सकता है, वहीं रिचार्ज आधारित व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।पेंशनर फोरम ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में पुराने मीटरों को कबाड़ में बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।बैठक में यूनिट उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह, जगदीश सिंह, जालम सिंह, राम लाल, सुदेश कुमारी, सुंगतलना देवी सहित कई अन्य पेंशनर उपस्थित रहे।