शिमला, संजू-:वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हिमाचल प्रदेश में शिमला सचिवालय में दो दिवसीय विधायक प्राथमिकताओं की बैठकें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज समाप्त हुईं। इस दौरान कांगड़ा, शिमला, कुल्लू और मंडी के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं सरकार के समक्ष रखीं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि विधायकों की समस्याओं के निपटारे के लिए मौके पर ही निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगामी वित्त वर्ष के लिए प्रस्तुत प्राथमिकताओं के लिए उचित बजट का प्रावधान किया जाएगा।वहीं, भाजपा विधायकों ने बैठक को केवल औपचारिकता करार देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में विपक्षी विधायकों की प्राथमिकताओं को पूरा नहीं किया गया, जिससे उनके विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विधायक निधि और ऐच्छिक निधि पर रोक लगा रही है और विपक्षी विधायकों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू, CM हिमाचल प्रदेश:
“विधायकों की समस्याओं के निपटारे के निर्देश दिए गए हैं और बजट का प्रावधान किया जाएगा।”
राकेश जामवाल, BJP विधायक: “सरकार हमारी प्राथमिकताओं को पूरा नहीं कर रही, बैठकें केवल औपचारिकता हैं।”
विपिन सिंह परमार, BJP विधायक: “विधायक निधि और ऐच्छिक निधि पर रोक लगी है, विकास प्रभावित हो रहा है।”