शिमला, संजू-:केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को बंद किए जाने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार खासी चिंतित है। इसके मद्देनजर सरकार ने 16 फरवरी से बजट सत्र बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें RDG और आगामी वित्त वर्ष के लिए बजट पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन के जरिए हिमाचल के राजस्व में बढ़ोतरी की है और इसका असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। लेकिन केंद्रीय बजट में RDG बंद होने से हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल आर्थिक रूप से अधिक सम्पन्न राज्य नहीं है, ऐसे में केंद्र की अनुदान राशि के बिना विकास प्रभावित होगा। सुक्खू ने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे राजनीति छोड़कर प्रधानमंत्री से मिलकर RDG बहाली में सरकार का सहयोग करें।
सुक्खू ने यह भी कहा कि हिमाचल सरकार वित्तीय अनुशासन के कारण अगले 5-10 वर्षों में इसका असर जमीन पर दिखना शुरू कर देगी।वहीं भाजपा ने RDG बंद होने को लेकर सुक्खू सरकार पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता राकेश जामवाल ने आरोप लगाया कि सरकार हिमाचल की वित्तीय स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि RDG बंद होने के बावजूद प्रदेश में पांच नए चेयरमैन की नियुक्ति करना स्पष्ट करता है कि सरकार वित्तीय प्रबंधन के प्रति गंभीर नहीं है। जामवाल ने कहा कि हिमाचल सहित 17 राज्यों का RDG बंद किया गया है, और अब राज्य सरकार को अपने खर्च कम करने और आय बढ़ाने के उपाय करने होंगे।
इस बीच, RDG को लेकर कल सुक्खू सरकार की कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। बैठक के बाद सरकार विपक्ष को प्रेजेंटेशन देगी, जिसमें RDG बंद होने के कारण हिमाचल पर आगामी वर्षों में पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके अलावा, सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने पर भी विचार कर रही है।