हांसी | रिटायर्ड पंचायत सचिव और प्रॉपर्टी डीलर सुभाष मलिक हत्याकांड की जांच के दौरान एक गंभीर घटना हुई। जांच के लिए गिरफ्तार किए गए आरोपितों में से एक ने पुलिस टीम के सामने अचानक हथियार निकालकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी महेंद्र के पैर में गोली लगी और उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीआइए हांसी की टीम ने इस मामले में पहले ही दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था। आरोपी महेंद्र को शेखपुर क्षेत्र में वारदात में इस्तेमाल किए गए असला को बरामद करने के लिए ले जाया गया था। इस दौरान पुलिस की निगरानी में निशानदेही की जा रही थी, लेकिन महेंद्र ने असला छिपाकर रखा था और अचानक उसे निकालकर पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी भागने की कोशिश करता रहा। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया।
घायल आरोपी का उपचार अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है और सुभाष मलिक हत्याकांड की अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी से मामले में महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए हैं।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित साक्ष्यों और आरोपितों की जांच को प्राथमिकता दी गई है। सीआइए हांसी ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस घटना ने हांसी में हड़कंप मचा दिया है और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है, ताकि मामले के सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।