यरुशलम। इजराइल ने वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) को लेकर एक बड़ा और विवादित कदम उठाते हुए अपने नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए नई नीतियों को मंजूरी दे दी है। इजराइली सुरक्षा कैबिनेट के इस फैसले को फिलीस्तीनी प्राधिकरण की पहले से सीमित शक्तियों को कमजोर करने और यहूदी बस्तियों के विस्तार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस निर्णय के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इजराइल के दक्षिणपंथी वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि इन उपायों से यहूदी बस्तियों की स्थिति और मजबूत होगी तथा भूमि संबंधी प्रक्रियाएं सरल होंगी। बयान में यह भी संकेत दिया गया कि इन फैसलों से फिलीस्तीनियों पर दबाव बढ़ सकता है और उन्हें जमीन छोड़ने के लिए मजबूर करने जैसी स्थिति भी बन सकती है। स्मोट्रिच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजराइल “फलस्तीनी राष्ट्र के विचार को खत्म करने” की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निगरानी संगठन ‘पीस नाउ’ के शोधकर्ता योनातन मिज़राची ने बताया कि इन फैसलों को लागू करने के लिए वेस्ट बैंक में इजराइल के शीर्ष सैन्य कमांडर की मंजूरी आवश्यक होगी। वहीं फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इस फैसले को “खतरनाक” करार देते हुए कहा कि यह इजराइल द्वारा बस्ती विस्तार और भूमि अधिग्रहण को वैध बनाने का खुला प्रयास है। उन्होंने अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
इजराइल के इस फैसले पर जॉर्डन ने भी कड़ा विरोध जताया है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इसे “अवैध इजराइली संप्रभुता थोपने” का प्रयास बताते हुए कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इससे शांति प्रक्रिया को गहरा झटका लगेगा।
जानकारी के मुताबिक, इन फैसलों में वेस्ट बैंक की भूमि की बिक्री पर यहूदियों के लिए लगाए गए प्रतिबंध हटाना, भूमि अधिग्रहण को आसान बनाने के लिए वेस्ट बैंक भूमि रजिस्ट्री रिकॉर्ड सार्वजनिक करना, हेब्रोन जैसे संवेदनशील इलाकों में निर्माण योजनाओं का नियंत्रण इजराइली अधिकारियों को सौंपना, तथा फिलीस्तीनी-प्रशासित क्षेत्रों में पर्यावरण और पुरातात्विक मामलों में इजराइली प्रवर्तन को मंजूरी देना शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वेस्ट बैंक में इजराइली प्रभाव को स्थायी बनाने और फिलीस्तीनी प्रशासन को और कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं।