चंडीगढ़। मुख्यमंत्री समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान (चिराग) योजना के तहत गरीब विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए निजी स्कूलों को हरियाणा सरकार ने बड़ी राहत दी है। शिक्षा निदेशालय ने वीरवार को योजना का पोर्टल दोबारा खोल दिया है, जिससे अटकी हुई प्रतिपूर्ति राशि का रास्ता साफ हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के 171 निजी स्कूलों को एक बार फिर मौका दिया गया है। ये स्कूल अब 25 फरवरी तक अपनी कमियां दूर कर विद्यार्थियों से जुड़े जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
बताया जा रहा है कि कई स्कूलों द्वारा फॉर्म-6 जमा नहीं करने, मान्यता संबंधी दस्तावेज अपलोड न करने और एसएलसी पर मुहर न होने जैसी खामियों के कारण प्रतिपूर्ति राशि अटक गई थी। इसी वजह से संबंधित स्कूलों के नाम भुगतान सूची में शामिल नहीं हो पाए थे।
मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि सत्र 2024-25 में कक्षा चौथी से आठवीं तक चिराग योजना के तहत दाखिल विद्यार्थियों के दस्तावेज अपलोड करते समय कुछ तकनीकी व दस्तावेजी कमियां रह गई थीं, जिसके चलते कई स्कूल अयोग्य घोषित हो गए थे।
उन्होंने बताया कि स्कूल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मौलिक शिक्षा निदेशक से मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद निदेशालय ने पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया।
अब स्कूलों को सुधार का अवसर मिलने से उम्मीद है कि पात्र विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति जल्द जारी हो सकेगी। हालांकि कुछ स्कूलों के नाम सूची में शामिल नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया है, जिसे लेकर संघ ने सभी स्कूलों को समान अवसर देने की मांग की है।