ज्वालामुखी । हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में पहुंचकर माता के दरबार में माथा टेका। मंदिर के पुजारी सौरभ शर्मा ने उन्हें विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। इस दौरान जयराम ठाकुर ने मोदी भवन, योगिनी कुंड और शयन भवन में भी दर्शन कर पूजा की।
पूर्व मुख्यमंत्री ज्वालामुखी में आयोजित विशाल दंगल मेले में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मंदिर दर्शन के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। जयराम ठाकुर ने कहा कि मौजूदा सरकार ने हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह अनिश्चितता के दौर में पहुंचा दिया है।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई सर्वदलीय बैठक में प्रदेश के वित्त सचिव ने स्पष्ट रूप से बताया है कि राज्य आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्थिति ऐसी हो गई है कि सब्सिडी बंद करनी पड़ सकती है, कर्मचारियों के वेतन रुक सकते हैं, एरियर फ्रिज किए जा सकते हैं और विकास कार्यों पर भी रोक लग सकती है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ अधिकारी आर्थिक संकट की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि दोनों बातें आपस में पूरी तरह विरोधाभासी हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद से हर मुद्दे पर केंद्र सरकार और पिछली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराती रही है। आरडीजी बंद होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह केवल हिमाचल में नहीं, बल्कि देश के 17 राज्यों में बंद की गई है और कांग्रेस सरकार को इसकी जानकारी पहले से थी। इसके बावजूद केंद्र सरकार को दोष देना गलत है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय जनता से किए गए वादों और गारंटियों को पूरा करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार ने जनता से ऐसी कोई गारंटी नहीं दी थी। इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने आगामी विधानसभा सत्र को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि यह बजट सत्र होगा या विशेष सत्र।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान नीतियों के कारण प्रदेश की जनता असमंजस और अनिश्चितता की स्थिति में है और सरकार को स्पष्टता के साथ काम करने की जरूरत है।