नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस पत्र को घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाया जा रहा है। पत्र में नागरिकता संशोधन कानून और अवैध घुसपैठ जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए राज्य में परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने पत्र की शुरुआत “मेरे प्यारे पश्चिम बंगाल वासियों, जय मां काली” संबोधन से की। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ महीनों में राज्य का भविष्य तय होगा और आने वाली पीढ़ियों की दिशा जनता के निर्णय पर निर्भर करेगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।
पत्र में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार के विरोध के बावजूद करोड़ों नागरिकों को लाभ पहुंचाया गया है। जन-धन योजना के माध्यम से बैंकिंग सुविधा, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना के जरिए रसोई गैस कनेक्शन, अटल पेंशन योजना, किसान सम्मान निधि तथा लघु व्यापारियों को ऋण सहायता का विशेष उल्लेख किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से अग्रणी राज्य रहा है, किंतु अब रोजगार के अभाव, युवाओं के पलायन तथा महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे गंभीर चिंता का विषय हैं।
पत्र के अंत में उन्होंने “एबार भाजपा सरकार” का आह्वान करते हुए मतदाताओं से निर्णायक समर्थन की अपील की। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह पत्र चुनावी रणनीति के तहत सीधे जनता से संवाद स्थापित करने का प्रयास है।