चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष अदालत में पूरक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की है। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और जब्त की गई सामग्री का उल्लेख किया गया है।
सीबीआई के अनुसार जांच के क्रम में मध्यस्थ कृष्णू शारदा के आवास पर तलाशी ली गई थी। 16 अक्टूबर को तैयार की गई तलाशी सूची के आधार पर आपत्तिजनक सामग्री वाली एक डायरी जब्त की गई। इस डायरी में दर्ज कुछ प्रविष्टियों के आधार पर अतिरिक्त संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच प्रारंभ की गई है। संबंधित प्रावधानों के तहत अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अब तक की जांच में अपराध से सीधे तौर पर संबंधित कोई नया ठोस आपराधिक साक्ष्य सामने नहीं आया है। रिश्वत की मांग, स्वीकारोक्ति अथवा जबरन वसूली में किसी अन्य सरकारी अधिकारी या निजी व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण भी फिलहाल नहीं मिले हैं। अदालत के समक्ष प्रस्तुत मामला मुख्य रूप से दो आरोपियों—हरचरण सिंह भुल्लर और कृष्णू शारदा—की भूमिका तक सीमित है।
जांच एजेंसी ने बताया कि जब्त डायरी और मोबाइल फोन डेटा का तकनीकी विश्लेषण कराया गया। मोबाइल डेटा गवाहों की उपस्थिति में विशेषज्ञ इकाई से निकाला गया और मौखिक, दस्तावेजी तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। कुछ चैट और प्रविष्टियों से संभावित अनियमित लेन-देन की आशंका अवश्य बनी, किंतु प्रत्यक्ष रूप से इस मामले से जुड़ा कोई अतिरिक्त साक्ष्य प्रमाणित नहीं हो पाया।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे पूछताछ या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।