करनाल | करनाल जिले के मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगलोरा गांव के पास स्थित टायर रीसाइक्लिंग इकाई में हुए भीषण धमाके के मामले में पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में चार श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका उपचार रोहतक स्थित पीजीआई में चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार गांव कैरवाली के निकट स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में पुराने टायरों को पिघलाकर फर्नेस ऑयल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान रिएक्टर मशीन का मुख्य द्वार खोले जाने पर अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के साथ आग और कार्बन का गुबार तेज रफ्तार से बाहर निकला, जिसकी चपेट में आकर पास काम कर रहे मजदूर बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नारायणपुर गांव निवासी मुराली सहानी, रामावध, संजय और जनार्धन के रूप में हुई है। एक अन्य श्रमिक मुकुरघुन भी झुलसा है। सभी को पहले करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार, घायलों की हालत नाजुक होने के कारण विस्तृत बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रिएक्टर में एक बार में सात से आठ टन टायर डाले जाते हैं और इसे उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है। आरोप है कि मशीन के भीतर गैस का दबाव बनने से दरवाजा खुलते ही विस्फोट हुआ।
एक घायल श्रमिक ने प्रबंधन पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा मानकों और प्रबंधन की जिम्मेदारी की गहन जांच की जा रही है तथा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।