नई दिल्ली। कांग्रेस ने केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मौन रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले और इजराइल की हालिया सैन्य कार्रवाई पर अब तक कोई निंदा या प्रतिक्रिया नहीं दी है। साथ ही, पार्टी ने गाजा में हो रहे कथित ‘नरसंहार’ को लेकर भी भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत को अब पहले से कहीं अधिक नैतिक साहस दिखाने की ज़रूरत है।
“ट्रंप की कार्रवाई बातचीत के प्रयासों का मज़ाक”
जयराम रमेश ने लिखा, “ईरान पर अमेरिकी वायुसेना के हमले का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का निर्णय उनके अपने ही कूटनीतिक आह्वानों का मज़ाक उड़ाता है। यह हमला बातचीत की संभावना को कमज़ोर करता है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ईरान के साथ संवाद और राजनयिक प्रयासों की तत्काल जरूरत को दोहराती है।
“मोदी सरकार की चुप्पी चिंताजनक”
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मोदी सरकार ने अब तक अमेरिका की बमबारी, इजराइल की सैन्य आक्रामकता और लक्षित हमलों को लेकर कोई आधिकारिक आलोचना या निंदा नहीं की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने गाजा में हो रही हिंसा और मानवीय संकट पर भी कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। “यह चुप्पी भारत की नैतिक और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए ठीक नहीं है,” रमेश ने कहा।
अमेरिका-ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान स्थित तीन यूरेनियम संवर्धन केंद्रों पर हवाई हमले किए थे। यह कार्रवाई इजराइल और ईरान के बीच बीते कुछ दिनों से जारी तनाव के बीच की गई। इसके बाद से पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं।
कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस मसले पर क्या आधिकारिक रुख अपनाती है।