चंडीगढ़ | हरियाणा में सरकारी और अनुबंध आधारित नौकरियों को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) में अब तक 14,63,488 युवाओं ने पंजीकरण कर नौकरी की मांग की है, लेकिन निगम के माध्यम से केवल 1,13,914 युवाओं को ही रोजगार मिल सका है।
यह आंकड़े युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने विधानसभा में प्रस्तुत किए। कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने अतारांकित प्रश्न के जरिए HKRN के अधीन कार्यरत कर्मचारियों और पंजीकृत युवाओं का विस्तृत ब्यौरा मांगा था।
‘रजिस्ट्रेशन बनाम रोजगार’ पर उठे सवाल
आदित्य सुरजेवाला ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजीकरण और वास्तविक रोजगार के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने बताया कि HKRN के तहत कार्यरत 1,13,914 कर्मचारियों में से 97,051 कर्मचारी पहले से विभिन्न विभागों में कार्यरत थे और उन्हें केवल पोर्ट किया गया है। नई नियुक्तियों की संख्या मात्र 16,863 है।
इस आधार पर फ्रेश प्लेसमेंट की दर करीब 1.15 प्रतिशत बैठती है, जबकि पोर्टिंग सहित कुल प्लेसमेंट लगभग 7.8 प्रतिशत के आसपास है। विपक्ष ने इसे कौशल विकास और रोजगार सृजन के दावों के विपरीत बताया और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
हिसार सबसे आगे, फरीदाबाद सबसे पीछे
अनुबंध आधारित नौकरियों के लिए सबसे अधिक पंजीकरण हिसार जिले से (1,46,545) हुए हैं। इसके बाद जींद (1,20,718) और भिवानी (1,00,244) का स्थान है।
सबसे कम पंजीकरण फरीदाबाद (23,723), गुरुग्राम (27,477) और पंचकूला (30,312) से दर्ज किए गए हैं।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों पर बड़ी प्रतिस्पर्धा
पिछले वर्ष अगस्त में आयोजित तृतीय श्रेणी पदों के लिए 13.47 लाख युवाओं ने आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 92 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 8.12 लाख अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
वहीं, 15 लाख से अधिक युवा चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए आयोजित होने वाली सीईटी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग फिलहाल विभिन्न श्रेणियों में 12 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चला रहा है। इसके अलावा जल्द ही 10 हजार और पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी किए जाने की तैयारी है। अगले सप्ताह चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए सीईटी का शेड्यूल घोषित होने की संभावना है।
सरकारी आंकड़ों के बीच रोजगार के अवसर और युवाओं की उम्मीदों को लेकर सियासी बहस तेज होती जा रही है।