कुरुक्षेत्र। लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है और क्षेत्र में लगातार नई परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया जा रहा है। निर्माणाधीन योजनाएं पूरी होने के बाद लाडवा विधानसभा क्षेत्र प्रदेश की अन्य विधानसभाओं के लिए विकास का आदर्श मॉडल बनेगा। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को बाबैन में सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण कार्य के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडवा क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी दोनों हिस्सों में करोड़ों रुपये की लागत से कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं। उमरी में लगभग पांच एकड़ भूमि पर संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा राक्षी नदी को पक्का करने का कार्य, लाडवा शहर में सड़कों का निर्माण, बिहोली में राजकीय पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक की स्थापना तथा गांव धनौरा जाटान में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कराया गया है। वहीं रामकुंडी स्थित अग्रसेन चौक का सौंदर्यीकरण कार्य भी पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। पिछले ग्यारह वर्षों में फसल नुकसान और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 15 हजार 448 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है, जिसमें बाजरा, कपास, धान और ग्वार की फसलों के नुकसान की भरपाई शामिल है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र के अनुसार 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित की है और इसके लिए अधिसूचना जारी कर व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अंग्रेजों के समय से चली आ रही आबियाना व्यवस्था को समाप्त कर किसानों को बड़ी राहत दी है। नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही खरीफ सीजन 2024 से फसल खरीद का भुगतान 48 घंटे के भीतर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है।