चंडीगढ़। हरियाणा में शहरी विकास को संगठित रूप देने के लिए प्रदेश सरकार ने 69 शहरों के विस्तार की व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत रेजिडेंशियल के साथ कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल सेक्टर विकसित किए जाएंगे, ताकि एक ही क्षेत्र में आवास, व्यापारिक गतिविधियां और सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
सरकार ने 1.67 लाख एकड़ भूमि खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल शुरू किया है। 104 गांवों के किसान और भूमि मालिक 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। पहले चरण में 13 शहरों में लगभग 40 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह योजना राज्य के 12 जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
नए जिला बने हांसी में पांच गांवों से 1495 एकड़ जमीन लेकर नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। जींद के नरवाना क्षेत्र में 2172 एकड़ और पिंजौर-कालका क्षेत्र में 3914 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है।
जीटी रोड बेल्ट में 12 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। पंचकूला-अंबाला क्षेत्र के कोट-बेहला के आठ गांव—कोट, जसवंतगढ़, बिल्ला, बीड़ फिरोजड़ी, खंगेसरा, बीड़ बाबूपुर, दबकौरी और भानु—से 2804 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। कुरुक्षेत्र के लाडवा में डेरा, बन और लाडवा गांवों से 459 एकड़ तथा करनाल के घरौंडा में 329 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इसके अलावा अंबाला के 24 गांवों से 3668 एकड़ और नारायणगढ़ में 512 एकड़ जमीन लेने की योजना है।
सबसे अधिक भूमि गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रस्तावित है। गुरुग्राम के 36 गांवों से 17,358 एकड़ और फरीदाबाद के 19 गांवों से करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदने की तैयारी है।
सरकार का दावा है कि इस नियोजित विकास से अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा, आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।