मंडी, धर्मवीर-:देवभूमि हिमाचल में एक बार फिर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का मामला सामने आया है। मंडी नगर के एक अधिवक्ता पर सोशल मीडिया के माध्यम से महर्षि पराशर पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं। देवता के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने से जनपद में देव समाज एकजुट हो गया है। अभद्र टिप्पणी का यह मामला बीते माह 24-25 फरवरी का बताया जा रहा है।
वीरवार को पराशर ऋषि मंदिर कमेटी और देव संस्कृति संरक्षण संवर्धन समिति ने उक्त मामले पर डीएसपी हेडक्वार्टर को शिकायत पत्र सौंपकर और अधिवक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। इसके उपरांत मीडिया से रूबरू होते हुए पराशर मंदिर कमेटी प्रधान बलवीर ठाकर ने बताया कि अधिवक्ता ने पराशर ऋषि को आपत्तिजनक शब्दों को संबोधन करते हुए उनके लिए निचत्तम शब्द का इस्तेमाल किया है। इतना ही नहीं उक्त अधिवक्ता द्वारा राज माधव राय के अलावा सभी देवी देवताओं को तुच्छ श्रेणी के देवी-देवताओं की संज्ञा भी दी गई है। अधिवक्ता की इन टिप्पटियों से जहां श्रद्धालुओं और देव समाज की भावनाएं आहत हुईं, वहीं पूरे क्षेत्र में रोष का माहौल है।
बलबीर ठाकुर ने कहा की हिमाचल देव भूमि है। ऐसे लोग जो देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करते हैं, प्रशासन और पुलिस को उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। बीते रोज मामले को लेकर स्नोर, बदार, उत्तरशाल और सराज की देव कमेटियों की अहम बैठक भी हुई है । जिसमें सभी ने एकमत से राज्यपाल, प्रदेश सरकार व उच्च अधिकारियों से वकील के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
अधिवक्ता ने नकारे आरोप, कारदार बोले- एडिट किए गए हैं कमेंट्स
वहीं जब इन आरोपों के बारे में अधिवक्ता से बात की गई तो खुद को निर्दाेष बताते हुए कहा कि वे महर्षि पराशर के खिलाफ नहीं, बल्कि वे पुजारी के विरोध में लिख रहे थे। उन्होंने पराशर ऋषि के बारे में कुछ भी गलत नहीं लिखा है। उधर, पराशर ऋषि के एक कारदार से बात की तो उन्होंने बताया कि उक्त अधिवक्ता ने शुरुआत में आपत्तिजनक कमेंट किया था, उसे विरोध को बढ़ता देख उसे बाद में एडिट कर दिया। उन्होंने बताया कि कमेटी से जुड़े युवाओं के पास उस पुराने कमेंट के स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग मौजूद हैं।