Summer Express, सिरसा ।हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद और हिसार सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही ‘सेम’ (जलभराव) की समस्या को लेकर सांसद कुमारी शैलजा ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते जलभराव के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि बंजर होने की स्थिति में पहुंच रही है, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सांसद सैलजा ने जारी बयान में कहा कि सेम प्रभावित इलाकों के किसान लंबे समय से भारी नुकसान झेल रहे हैं। जलभराव की वजह से खेतों में फसल उगाना मुश्किल होता जा रहा है और कई गांवों में खेती योग्य जमीन धीरे-धीरे अनुपयोगी बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल किसानों की आय को ही प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या के बावजूद अब तक राज्य स्तर पर कोई ठोस और स्थायी योजना लागू नहीं की गई है। सैलजा ने सरकार से मांग की कि सेम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक और व्यापक योजना तैयार की जाए। इसके तहत भूमिगत जल निकासी प्रणाली को मजबूत किया जाए, जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए और आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रभावित जमीन को दोबारा खेती योग्य बनाने के प्रयास किए जाएं।
सांसद ने यह भी कहा कि जब तक सेम से प्रभावित भूमि पूरी तरह से कृषि योग्य नहीं हो जाती, तब तक किसानों को हर वर्ष उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है। सरकार को इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में खेती को फिर से पटरी पर लाया जा सके और किसानों को राहत मिल सके।